नवजात शिशु के लिए कविता – New Born Baby Poem in Hindi

नवजात शिशु पर कविता – घर में जब नवजात शिशु पैदा होता है तब घर में खुशियों का माहौल हो जाता है, पूरे घर पड़ोस आदि में मानो जैसे कोई पर्व हो, सब माता/पिता, दादा/दादी, नाना/नानी आदि को बधाई सन्देश एवं गिफ्ट में शुभकामनाएं देते है | नवजात शिशु कुछ दिन बाद ही हमारी आवाज़े सुनते और हस्ते है, दादी एवं नानी लोरी कवितायेँ आदि सुनती है, अगर आप भी अपने शिशु को छोटी कविता, आदि का संग्रह सुनाना चाहते है तो आप यहाँ से New Born Baby Poem in Hindi, नवजात शिशु पर कविता, न्यू बोर्न बेबी पोएम इन हिंदी आदि का बेहतरीन संग्रह पा सकते है | जिन्हे आप याद करके अपने नवजात शिशु को कहानियां एवं कविता का वर्णन करा सकते है |

नवजात शिशु के लिए कविता

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चंदा मामा गोल मटोल,
कुछ तो बोल, कुछ तो बोल
कल थे आधे, आज हो गोल
खोल भी दो अब अपनी पोल.रात होते ही तुम आ जाते,
संग-साथ सितारे लाते,
लेकिन दिन में कहाँ छिप जाते
कुछ तो बोल, कुछ तो बोल

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New Born Baby Poem in Hindi

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तुम कितने प्यारे हो,
सबके आँखों के तारे हो,
तुम राजदुलारे हो
तुम लाल हमारे हो.सब अच्छा लगता है,
जब तुम रोते हो,
जब तुम सोते हो,
जब तुम बाहों में होते हो.

जब तुम मुस्कुराते हो,
हमे अपनी तरफ लुभाते हो,
तुम्हारी हर अदा देखकर लगता है
तुम सबको अपने पास बुलाते हो.

तुम दिल का करार हो,
तुम मेरा पहला प्यार हो,
तुम मेरे जीवन में आये बहार हो,
तुम मेरे सबसे अच्छे यार हो !

Welcome Poem For New Born Baby in Hindi

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तितली रानी तितली रानी
कितनी प्यारी कितनी सयानी
रंग बिरंगे पंख सजीले
लाल, गुलाबी, नीले, पीले
फूल फूल पर जाती हो
गुनगुन-गुनगुन गाती हो
कली कली पर मंडराती हो
मीठा मीठा रस पीकर उड़ जाती हो
अपने कोमल पंख दिखाती
सबको उनसे है सहलाती
तितली रानी तितली रानी
कितनी सुंदर, तितली रानी
इस बगिया में आना रानी
तितली रानी तितली रानी.

Poem on Newborn Baby in Hindi

गुड़िया मेरी रानी है,
लगती बड़ी सयानी है,
गोरे-गोरे गाल है,
लम्बे-लम्बे बाल है.आँखे मुलकाती है,
हमसे अकेले में बतियाती है,
मेरे जीवन का आधार है,
मुझको अपनी बिटियाँ से प्यार है.

अपने पास बिठाता हूँ,
मेवा मिष्ठान खिलाता हूँ,
अच्छी-अच्छी बाते बताता हूँ,
और खूब प्यार जताता हूँ.

मेरी गुडिया रानी है
लगती बड़ी सयानी है
उसकी सुंदर से मुस्कान
हम सबको कर देती है खुशहाल

नवजात शिशु पर कविता

लकड़ी की काठी
काठी पे घोड़ा
घोड़े की दुम पे
जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा
दुम उठा के दौड़ाघोड़ा पहुंचा चौक में
चौक में था नाई
घोड़ेजी की नाई ने
हज़ामत जो बनाई
घोड़ा पहुंचा चौक में…
तग-बग तग-बग
तग-बग तग-बग
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा
दुम उठा के दौड़ाघोड़ा था घमंडी
पहुंचा सब्जी मंडी
सब्जी मंडी बरफ़ पड़ी थी
बरफ़ में लग गई ठंडी
तग-बग तग-बग
तग-बग तग-बग
घोड़ा था घमंडी …
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा
दुम उठा के दौड़ाघोड़ा अपना तगड़ा है
देखो कितनी चरबी है
चलता है महरौली में
पर घोड़ा अपना अरबी है
घोड़ा अपना तगड़ा है…
बांह छुड़ा के दौड़ा घोड़ा
दुम उठा के दौड़ा घोड़ा

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